तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ हैं तुमको मेरी बात और हैं मैंने तो मोहोब्बत की हैं – साहिर लुधियानवी


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तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ हैं तुमको
मेरी बात और हैं मैंने तो मोहोब्बत की हैं

मेरे दिल की मेरे जज़बात की कीमत क्या हैं
उलझे उलझे से खयालात की कीमत क्या हैं
मैंने क्यों प्यार किया तुमने ना क्यों प्यार क्या
इन परेशान सवालात की कीमत हैं
तुम जो ये भी ना बताओ तो ये हक़ हैं तुमको
मेरी बात और हैं मैंने तो मोहोब्बत की हैं

जिन्दगी सिर्फ मोहोब्बत नही कुछ और भी हैं
जुल्फ-ओ-रुखसार की जन्नत ही नहीं कुछ और भी हैं
भूख और प्यास की मारी हुयी इस दुनियाँ में
इश्क ही एक हकीकत नहीं कुछ और भी हैं
तुम अगर आँख चुराओ तो ये हक़ हैं तुमको
मैंने तुम से ही नहीं सब से मोहोब्बत की हैं

तुमको दुनियाँ के ग़म-ओ-दर्द से फुरसत ना सही
सबसे उल्फत सही मुझसे ही मोहोब्बत ना सही
मैं तुम्हारी हूँ यही मेरे लिये क्या कम हैं
तुम मेरे हो के रहो ये मेरी किस्मत ना सही
और भी दिल को जलाओ तो ये हक़ हैं तुमको
मेरी बात और हैं मैंने तो मोहोब्बत की हैं

– साहिर लुधियानवी

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